Naseem azmi
Sunday, October 23, 2022
faisle tere ahm hain maula _Naseem azmi
ایک تو ہی ہے قادرِ مطلق
فیصلے تیرے اہم ہیں مولا
एक तू ही है क़ादिर-ए-मुतलक़
फ़ैसले तेरे अहम् हैं मौला
تو ہے رحمان رحم کرتا ہے
تیرے بندے بےرحم ہیں مولا
तू है रहमान रहम् करता है
तेरे बंदे बे रहम् हैं मौला
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Dil me khizan hai aankhon me barsat ka mizaj
दिल में ख़िज़ाँ है आँखों में बरसात का मिज़ाजम त पूछ मेरी तल्ख़ी-ए-हालात का मिज़ाज शायद के कर रहे हैं वो रिमझिम रिधम पे रक़्स बदला हुआ है शह्र में...
samjh raha tha mai pahle ki kaam bolta hai
समझ रहा था मैं पहले के काम बोलता है मगर ये झूट है, अब सिर्फ़ नाम बोलता है ख़मूश होके सुना करते हैं जहाँ वाले ज़ुबाँ से अपनी जो रब का कलाम बोल...