چپ کے چپ کے دیکھ رہا ہوں
چاند سے چہرے دیکھ رہا ہوں
चुप के चुप के देख रहा हूँ
चाँद से चेहरे देख रहा हूँ
کیا ہونگے خط کے مضمون!
بند لفافے دیکھ رہا ہوں
क्या होंगे ख़त के मज़मून?
बन्द लिफाफे देख रहा हूँ
خواب میں ان کو آ تے جاتے
اپنے سرہانے دیکھ رہا ہوں
ख़्वाब में उनको आते जाते
अपने सिरहाने देख रहा हूँ
پھول کے ہاتھ میں حیرانی سے
پھول کے گملے دیکھ رہا ہوں
फूल के हाथ में हैरानी से
फूल के गमले देख रहा हूँ
بدلا بدلا سا ہے لہجہ
آپ کے نکھرے دیکھ رہا ہوں
बदला बदला सा है लहजा
आप के नखरे देख रहा हूँ
Monday, April 23, 2018
Chand sa chehra dekh raha hun
-
दिल में ख़िज़ाँ है आँखों में बरसात का मिज़ाजम त पूछ मेरी तल्ख़ी-ए-हालात का मिज़ाज शायद के कर रहे हैं वो रिमझिम रिधम पे रक़्स बदला हुआ है शह्र में...
-
समझ रहा था मैं पहले के काम बोलता है मगर ये झूट है, अब सिर्फ़ नाम बोलता है ख़मूश होके सुना करते हैं जहाँ वाले ज़ुबाँ से अपनी जो रब का कलाम बोल...