Naseem azmi
Sunday, January 7, 2018
Naat
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Dil me khizan hai aankhon me barsat ka mizaj
दिल में ख़िज़ाँ है आँखों में बरसात का मिज़ाजम त पूछ मेरी तल्ख़ी-ए-हालात का मिज़ाज शायद के कर रहे हैं वो रिमझिम रिधम पे रक़्स बदला हुआ है शह्र में...
samjh raha tha mai pahle ki kaam bolta hai
समझ रहा था मैं पहले के काम बोलता है मगर ये झूट है, अब सिर्फ़ नाम बोलता है ख़मूश होके सुना करते हैं जहाँ वाले ज़ुबाँ से अपनी जो रब का कलाम बोल...